है धुआँये जहांउड़ता हुआबहता हवाओं मेंफिर मिलता हैइन फ़िज़ाओं में कहाँउस आग से निकलाउस आग में दफ़नतू पहले था कहाँऔर कल होगा कहाँना तुझे खबरना कोई ग़ुमाये जहांहै बस धुआँ
Category Archives: Hindi poem
Kai saal guzar gaye
उसी मंदिर की घास पर बैठे,नंगे पाओं।सर झुकाए इबादत मेंकई साल गुज़र गए । छोटे पाओं बड़े हो गयेदिल मगर सिकुड़ गये।दिल खोल के हंसेकई साल गुज़र गये । फ़र्श साफ़ सुथरा हैशायद पहले से महँगा।नंगे पाओं चलेकई साल गुज़र गये । है रास्ता वहीकदम चले सोच समझ केबेख़ौफ़ दौड़ेकई साल गुज़र गये । हैContinue reading “Kai saal guzar gaye”
Tera mera rang
रंग होतुमसे भरागुलाबी, पीला और लाल संग होअपना हमेशाहर पल, हर साँस, हर हाल ढंग होतुममें ढलाबस तुम्हारा एहसास, तुम्हारा ख़याल भंग होसब बैरबस हो रंग, ना कोई मलाल रंग होना तेरा, ना मेराबस गुलाबी, पीला और लाल
Ab uthegi subah
तुम उठोगी सुबह शायद होगी सुबह खूबसूरत जैसी तुम हो आँखें मलती हुई लेके अंगड़ाई उठेगी सुबह जैसे तुम हो कुछ नींद में सूरज से खेलती आँख मिचौली जैसे तुम हो अब उठेगी सुबह मेरी बाहों में जैसे तुम हो
Happy 75th Birthday Amma
हुए साल पचहत्तरपर बस गिनती केमन अभी भी बचपन से भराखिला खिला और सुंदर नया सीखने को तैयारबिना हिचक, बिना संकोचचाहे हो जाए कभी कोई गलतीअपनी कोशिश, वो कभी नहीं रोकती जो हो मन उदासतो हँस देती हैजब ना मिले जवाबतो ग़ुस्से से भरा message भी करती है अभी भी शायद बैठी होगीहम सब कोContinue reading “Happy 75th Birthday Amma”
Bhul gaya sab kuch
भूलना हैबहुत कुछक्या क्या भुलाओगेये बताओ अगर याद करोगेवो सबतो फिर कैसे भुलाओगेये बताओ हर लम्हा नया हैसाफ़ सुथरा हैइसमें पुराने रंग क्यों भरेंये बताओ ख़ुशियों से भर देंइस लमहें कोआने वाला कल इसमें बसा हैइसे सजाओ ज़िंदा होतो जी लो ख़ुशी सेहर पल ज़िंदगी कालुफ्त उठाओ गहरी नींद में सो रहा हूँशायद सुबह होContinue reading “Bhul gaya sab kuch”
Raat
ढलती शाम सेरोशनी चुरा केअभी तो रात आयी है धीरे से, दबे पाओंअंधेरे की नरम रज़ाई ले केअभी तो रात आयी है थके बदन के लिएनींद का तोहफ़ा ले केअभी तो रात आयी है आँखें हो रहीं है बंदअब मिलेंगे ख़्वाबों सेअभी तो नींद आयी है लेंगे उड़ानइस दुनिया की बंदिशों से परेअभी तो पंखContinue reading “Raat”
Pani ka tukda
टपकता होगाआसमानों सेवो पानी का टुकड़ाकिसी की तलाश मेंकिसी की आस में कभी मिलती होगीउसेवो नर्म घासकभी गिरता होगाबेदर्द ज़मीन परबस हार के सच्ची हो जो चाहतझुलसती विरह की आँच मेंवो फिर से तपेगाभाप बनके उड़ेगामिलेगा फिरउन बादलों से फिर बरसेगा वोघनघोरउसी आसमानों सेवो पानी का टुकड़ाकिसी की तलाश मेंकिसी की आस में
kyun #Why
क्यों ये कैसा सवाल है इसका क्या फ़ायदा है क्यों पूछें है ये सब ऐसा क्या क़ायदा है क्यों याद करें वो जो हो गया है क्यों ढूँढें जो खो गया है क्यों कहें मन की किसने सुना है क्यों मायूस हों हुआ ही क्या है क्यों ये कैसा सवाल है इसके कई जवाब हैContinue reading “kyun #Why”
Clothes ready to wear people
हो रहे तैयारकपड़ेइंसान पहनने कोधूप मेंसुबहफिर से जीने कोहैं तैयार आज कौन होगाकैसा होगाहर के नाप का एक हैएक घर हैएक इंसान हैजिसकी ज़िंदगी को जीनेहैं तैयार उसकी महकउसकी गंधअपने में पिरोएकभी उसकेजाने के बादमहकने कोहैं तैयार कभी नयाकभी पुरानाउस मौक़े के लिएया किसी की यादहर लम्हेको लिएहैं तैयार आस्तीन मेंछिपाये आंसूख़ुशी केदुख केवो सारीContinue reading “Clothes ready to wear people”
