Clothes ready to wear people

हो रहे तैयारकपड़ेइंसान पहनने कोधूप मेंसुबहफिर से जीने कोहैं तैयार आज कौन होगाकैसा होगाहर के नाप का एक हैएक घर हैएक इंसान हैजिसकी ज़िंदगी को जीनेहैं तैयार उसकी महकउसकी गंधअपने में पिरोएकभी उसकेजाने के बादमहकने कोहैं तैयार कभी नयाकभी पुरानाउस मौक़े के लिएया किसी की यादहर लम्हेको लिएहैं तैयार आस्तीन मेंछिपाये आंसूख़ुशी केदुख केवो सारीContinue reading “Clothes ready to wear people”

Ho shayad woh kharra

छोड़ दूँ वो सब जो तुम्हें लगे बुरा कुरेद कर नोच कर जो बचे हो शायद वो खरा और ना बचा कुछ अगर तो बस रहेगा दिल मोहब्बत भरा