एक और एज़फा सिफर हो गया

डायरी में काम लिख करपूरा दिन भर दियालो एक दिन और गुजर गयाएक और इज़ाफ़ा सिफर हो गया ये लिस्ट लंबी है अभी काम बाकी है वक्त का हर लम्हा भर सा गया हैएक और दिन इसी होड मेंबिसर हो गया रस्ता लंबा हैपेड़ों का साया पीछे रह गयारुकने का वक्त मुकर्रर नहीं कियाहर नज़ाराContinue reading “एक और एज़फा सिफर हो गया”

लंबी ड्राइव

चलो एक लंबी ड्राइव पे चलेंरास्ते और मंजिल से बेफ़िकर एक बार बिना किसी मतलब के चलें कुछ दूर चल कर तुम सुकून की तरफ मोड़ लेना मन करे तो वो अपना पुराना गाना भी लगा लेना आज हर बात की छूट है हाँ तुम गुनगुना भी सकते हो अपनी ही तो गाड़ी है सुरोंContinue reading “लंबी ड्राइव”

सोई धूप

वो आई धूप बंद खिड़कियों के शीशों से कमरे कि देहलीज़ लांघ कर वो लाई धूप उस दूर जलती आग कि आंच हथेली में बचा कर किरनों की गुस्ताख हाथों ने चुपके से मला वो आलसी गर्माहट मेरे गालों पर दूर से आई आंच मेरे पल का हिस्सा बन गई कुछ कहा नहीं पर कुछContinue reading “सोई धूप”