रंग बिरंगी ढेर सारी पतंग कुछ कटी हुई और कुछ ऊँचाइयों को छूती हुई जो डोर से बंधी थी वो उड़ रही थी जो कट गई थी वो हवा के साथ बहती जा रही थी जब थक उड़ान थी पतंग पर हर की आस थी कट जाने पर अगले पतंग की तलाश थी कन्नी कसContinue reading “Kites in the Sky”
Category Archives: Hindi poem
Haan, Abhi wala mauka sahi hai
लोग हैं, तो रिश्ते हैंरिश्ते हैं, तो ख़लिश भी कोई ग़लत है तो कोई सही भीइस भीड़ में कहीं एक हंसी छिपी थी अभी अभी तो इन आँखों में उसकी चमक दिखी थी चलो, उसे ढूँढते हैं करें कब शुरुआत ये सोचते हैं है मौक़े बहुतपर कौनसा मौक़ा सही हैये जो अभी वाला मौक़ा हैContinue reading “Haan, Abhi wala mauka sahi hai”
Yaadon ke Rishte
कुछ बातें जो हैं सिर्फ़ हमारीकुछ सचऔर कुछ जो अब सच बन गये हैं जब भी मिलेंगे फिर से दोहरायेंगेंसाथ हँसेंगेंऔर जब तनहा होंगे उन्हीं क़िस्सों को याद कर मुस्कुराएँगेइन क़िस्सों से जुड़े हैं इन्ही यादों का तो रिश्ता हैना खून का ना क़ानून का पर है बहुत पक्का और बहुत सच्चा
Golgappa – Sphere full of taste
गोलगप्पे खाने का है चाव बड़ा पर जल्दी खाने में है फ़िक्र बहुत खड़ा हूँ क़तार में अपने मौक़े के इंतज़ार में पर इस बार तय कर लिया है खाऊँगा अगला निवाला पूरे इत्मीनान से
Udta hoon uchayion mein
हाँ नज़र आईवो ज़मीनउड़ते आसमान सेउन बादलों सेसाफ़ साफ़, सब कुछ थोड़ी पहचानीथोड़ी अजनबी सी लगीक्या रखा था नामकिस नाम से थी पहचानहाँ, ऐसा ही था कुछ ज़ुबान पे आते आते वो रह गयाजब पास पहुँचेंगे तो शायदयाद आएगाहर एक रस्ता, हर एक मंज़िलऔर वो सब कुछ फिर सोचेंगेउस ज़मीन पर रखें पाओंकी फिर सेContinue reading “Udta hoon uchayion mein”
The wet grass and the feet of sun
गीले घास पर पड़े जब नंगे पैर लगा जैसे धरती से जुड़ गया हूँ ओस की ठंडक जैसे मुझमें घुलने लगी भीनी भीनी सी सुबह की धूप भी आसमानों से जैसे उसी वक़्त आ पहुँची उसकी गर्माहट कुछ नया एहसास लेके आयी है खून के सात घुल कर दिलों की धड़कन और साँसों में समायीContinue reading “The wet grass and the feet of sun”
The sky, raindrop and flower
हूँ अलग है मुझे रिझाना है सृष्टि को आगे बढ़ाना है रंग अलगसब पसंद करते हैं शायद इसीलिए मुझे तोड़ लेते हैं दिखता हूँ,क्योंकि अलग हूँअगर वो हरा ना होता तो मैं लाल, कैसे होता मेरा लाल रंग वो हरा, वो नीला,सावन की बारिश में है सब कुछ सबसे मिला
I am your drop
एक दोस्त मिला है अपने जैसा उससे जुड़ा हूँ शायद बस रंग देखा हैजिससे जुड़ा हूँ पर जिसका अंश हूँ जिससे उगा हूँ उसी से जुदा हूँ
Morning Chai
ये चाय की प्याली समेटे है अपने में पूरी सुबह वो सुबह की ताजगीवो सौंधी सी महक और वो अपना ज़ायक़ा और उसमें घुली यादेंहै सुबह खूबसूरत जैसे ये चाय की प्याली
Ye rumani Mausam
है रास्ता धुंधला बूँदों से है मैला हूँ में वक़्त का मुसाफ़िर है हर लम्हा अकेला बादलों से मिलने है लहरों ने ली छलांग कह रही है चिल्ला चिल्ला के ये पवन आने वाला है तूफ़ान है दोस्त मेरा, ये मौसम है ये ऋत, जानी पहचानी है कुछ मेरे ही जैसा थोड़ा संजीदा, थोड़ा रूमानी
