है ज़रूरत मुझेमुझसे ज़्यादा तुम अगर हो चुनना कभी तो मेरा पहला तुम धड़कन, साँसे दे एहसास जीने का मेरे होने की मिसालसबसे पहला तुम
Category Archives: Hindi poem
Pakiza sa Rishta
Many times we yearn to win an argument. To have the last word. Sometimes it can actually be the ‘last words’. The words may be right, the logic may be flawless, yet something precious is quietly lost in the process. With time, we realize that the strongest relationships are not built on proving ourselves rightContinue reading “Pakiza sa Rishta”
Dekho main jeet gaya
कुछ कहते-कहते रुक गया,आज फिर रिश्ता मुझसे जीत गया। ना तुम ग़लत थे, ना मैं सही,आज फिर ये सच मैं सीख गया। वो बहस हार जाना ही सही था,आज फिर हार के, देखो मैं जीत गया। आज तुम सबका मुस्कुराता चेहरा देखा,आज फिर हर मसला मेरा सुलझ गया।
Mauka ki pehchaan
इस मौके को पहचानता हूँ चूक गया था पिछली बार यहीं इस बार बड़ी मशक्कत की हैपूरा तैयार हूँ,इस बार बड़ी ताक लगा कर बैठा था जाने कैसे आँख लग गयी पलक झपकते मौक़ा गया एक बार फिर से वो शाम गयी अब ना किया, किसी मौके का इंतज़ार ना किया मशवरा अच्छे महुर्रत काContinue reading “Mauka ki pehchaan”
Takiye ka Geelapan (Wet pillows)
दर्द छिपाओगे तो, कहीं तो निकलेगा पूछेंगे वो जो हाल, तो क्या बतलाओगे? ——- कहीं तो नज़र आयेगा वो आँसू तकिये का गीलापन, कैसे छिपाओगे? —- मान गए वो, कहा करलो अपने मन की, सोच लो पूरी तरह से, क्या फिर भी कर पाओगे ? —- क्यों रखी ऐसी फ़रियाद, उनसे कौन पूछेगा ता उम्रContinue reading “Takiye ka Geelapan (Wet pillows)”
Aa mujhse aake mil
तू धूप है, क्यों दूर है दोस्त हूँ तेरा, आ मुझसे आके मिल तेरी रोशनी तू कैसे छिपायेगा मुझमें है तू छिपा, आ मुझसे आके मिल कल रात तू मिला नहींसोया नहीं मैं रात भर आ मुझ से आके मिल तुझसे है सब कुछ रोशन है मुझमें क्यों अँधेरा आ मुझसे आके मिल जल रहाContinue reading “Aa mujhse aake mil”
Koshish
किसी ने की कोशिश दो कदम चलने की उस नुक्कड़ पर फिर से मिलने की कोई कदम पहुँचे ही नहीं … किसी ने की कोशिश लिखे ख़त को पड़ने की पन्नो पे महके अल्फ़ाज़ समझने की कुछ ख़त लिफ़ाफ़ों से निकले ही नहीं … किसी ने की कोशिश दबी आवाज़ों को सुनने की अनकहे लफ़्ज़ोंContinue reading “Koshish”
Dad, friend
वो सबका आसरा किसके काँधे, सर अपना वो रखे रखता वो, सब दिल में छिपाये जो हो रहा, ख़ामोश सब देखे कहता है, बस मुस्कुरा दो हर बात को हँसी में उड़ा दो सबका प्यारा, सबका चहेता ख़ुश रहते सब, उससे मिलके है कुछ परेशानियाँ, किसकी नहीं हैं कुछ रह गए अरमान, किसके पूरे हुएपरContinue reading “Dad, friend”
Bus iske baad
अभी थोड़ा busy हूँइत्मीनान सेबात करते हैंबस इसके बाद हाँ करवाना हैfull body checkupplan करते हैंबस इसके बाद बड़ी देर सोच रहा हूँछुट्टी बहुत accumulate हो गई हैapply करता हूँबस इसके बाद वो नई picture देखनी हैसब कहते है बड़ी अच्छी हैbook करतें हैं onlineबस इसके बाद हर SundayDrive पे चलेंगेschedule बनाते हैंबस इसके बादContinue reading “Bus iske baad”
