Mauka ki pehchaan

इस मौके को पहचानता हूँ चूक गया था पिछली बार यहीं इस बार बड़ी मशक्कत की हैपूरा तैयार हूँ,इस बार बड़ी ताक लगा कर बैठा था जाने कैसे आँख लग गयी पलक झपकते मौक़ा गया एक बार फिर से वो शाम गयी अब ना किया, किसी मौके का इंतज़ार ना किया मशवरा अच्छे महुर्रत काContinue reading “Mauka ki pehchaan”