है त्योहार, खुश होने का बाक़ी रसम फ़िज़ूल हैं मुस्कुराहट जो भर दे दिलों में, वो सही बाक़ी रिश्ते फ़िज़ूल है It’s a festival to be happy The rest of the rituals are in vain The smile that fills the heart is enoughother relationships are in vain
Category Archives: Hindi poem
Travel beyond (Bas chalna Hai)
मुड के देखा तो हसीन नज़ारे देखे क्या छोड़ आया हूँ क्या अब आगे है जो छोड़ आया हूँ अच्छा था जैसा भी था सच्चा था एक सफ़र है मंज़िल नहीं किसको पहुँचना बस मुझे चलना है
Safed Baadal ke patte (leaves of White clouds)
होंगे सफ़ेद बादल के पत्ते मेरे पर मैं ज़मीन से जुड़ा हूँ गुज़रे कई साल पर मैं यहीं पे खड़ा हुआ हूँ ना आसमान मुझपे मौताज़ फिर भी उस यक़ीन पे रुका हूँ की जब बरसेंगे वो बादल तो कहीं, उस से जुड़ जाऊँगा मैं https://mytaleswithin.com/2024/05/10/leaves-of-white-cloud/
Ye Khali Raat
ये ख़ाली रात इंतज़ार से भर गई जब समेटने लगे तो मोहब्बत के सिवा कुछ ना मिला नींद को लेके कहीं दूर चलीं हैं, कुछ फ़िक्र की झुर्रियाँऔर जब मुड के देखा तो रुकी हुई सुइयों के सिवा कुछ ना मिला कदम बड़े हिसाब से उठे लहरों से बच कर ज़िंदगी चली पाओं के निशानContinue reading “Ye Khali Raat”
Spirit of the River
अपनी ही धुन में थिरकते पांव मदमस्तबेख़ौफ़ बेफ़िक्रदरिया की मौजकिनारों के अंकुश से कभी की वफ़ादारीतो कभी बनी बाग़ी दरिया की मौजचले समंदर की ओरअपनी सुदबुध छोड़ करअपनी पहचान भूल कर दरिया की मौजहिम की औलाद समंदर में समायीरह गयी तो बस दरिया की मौज
No goodbyes
दोस्तों के साथ छुट्टी का आया है मौक़ा भर के रखे खूबसूरत कपड़ेबस कोई नक़ाब नहीं रखा कुछ उसने किया कुछ हमने कर लिया सबसे बेहतर होने का ऐसा कोई ख़िताब नहीं रखा जितना सोचा उससे ज़्यादा खूबसूरत पाया जितनी सुंदर यादें बटोरी हैं वैसा तो कभी ख़्वाब में भी नहीं देखा कई नज़ारे देखेContinue reading “No goodbyes”
Colour of the sky
है आसमान में कौनसा रंग वो तो दिखता है हवा और बादलों में है बादलों में कौनसा रंग हल्के हैं, तो सफ़ेद भर गये, तो काले हवा मैं कौनसा रंग है सुबह का नीला है श्याम की लालिमा और रात का सावलापनहै आसमान अठरंगीहर रंग में ढाला वो देखती हैं आँखें जो हो मन मेंContinue reading “Colour of the sky”
Salagirah (Anniversary)
है सालगिरह आज लगता है पहली रात है बहुत साल हो गयेपर आज भी वैसा ही है चेहरे की झुर्रियों से उम्र का एहसास है दिल रूमानी कल भी था आज भी कुछ वैसा ही है कदम धीमे और लड़खड़ाने लगे हैं हाथों में हाथ कल भी था आज भी कुछ वैसा ही है तस्वीरेंContinue reading “Salagirah (Anniversary)”
Beauty waits for the beholder
BeautyWaits for the eyesThat seesFor whenIt recognisesIt glowsthen ittruly becomesBeauty
