Nayi dosti

फिर अजनबी हैंमुलाक़ात कामौक़ा ढूँढेंगेजान पहचान काबहाना ढूँढेंगेवो सहमी नज़र,उस मुस्कराहट काइशारा ढूँढेंगेनयी दोस्ती हैमोहब्बत का नयाफ़साना ढूँढेंगे

Tumhare liye ab bhi wahin hoon

तुम वहीं होमेरे लिएअब भी वही हो बड़ी हो गयी होमेरे लिएअब भी वही हो हर वक्त इस दहलीज़ पे मिलूँगातुम्हारे लिएअब भी वहीं हूँ चाहे जहां भी होमेरा अंश हो, मुझसेअब भी जुड़ी हो

Tumse main hoon

तुम अलग नहींतुम मुझमें होआपस में कोईफ़ासला नहीं एक मुलाक़ातबरसों पहले हुई थीपहली मुलाक़ातबादलों में हुई कभी सफ़र सदियों का हैराह साथ गुज़ारी हैज़िंदगी की रेत परकदमों के निशान दो नहीं साथ जो गुज़राहर लम्हा बेमिसालअसल में या ख़्वाबों मेंतुम्हारे बिना कोई पल नहीं नाम जुड़ गया हैख़्वाब और उम्मीदें जुड़ गयीं हैंएक हस्ती हैमेरीContinue reading “Tumse main hoon”