Nayi dosti

फिर अजनबी हैंमुलाक़ात कामौक़ा ढूँढेंगेजान पहचान काबहाना ढूँढेंगेवो सहमी नज़र,उस मुस्कराहट काइशारा ढूँढेंगेनयी दोस्ती हैमोहब्बत का नयाफ़साना ढूँढेंगे

Tumhare liye ab bhi wahin hoon

तुम वहीं होमेरे लिएअब भी वही हो बड़ी हो गयी होमेरे लिएअब भी वही हो हर वक्त इस दहलीज़ पे मिलूँगातुम्हारे लिएअब भी वहीं हूँ चाहे जहां भी होमेरा अंश हो, मुझसेअब भी जुड़ी हो

Tumse main hoon

तुम अलग नहींतुम मुझमें होआपस में कोईफ़ासला नहीं एक मुलाक़ातबरसों पहले हुई थीपहली मुलाक़ातबादलों में हुई कभी सफ़र सदियों का हैराह साथ गुज़ारी हैज़िंदगी की रेत परकदमों के निशान दो नहीं साथ जो गुज़राहर लम्हा बेमिसालअसल में या ख़्वाबों मेंतुम्हारे बिना कोई पल नहीं नाम जुड़ गया हैख़्वाब और उम्मीदें जुड़ गयीं हैंएक हस्ती हैमेरीContinue reading “Tumse main hoon”

Tum toh main hoon

क्यों चाहता हूँ तुमकोतुम तो मैं हूँ पाने की ख्वाहिश नहींतुम तो मैं हूँ खोने का ख़ौफ़ नहींतुम तो मैं हूँ क्या सुनना हैबस शोर हैशोर इतना गूंजाकी खामोशी हो गयी तुमसे मुलाक़ात जो हुईखुद से पहचान हो गयी

Amma ka phone aaya

अम्मा का फ़ोन आयाहाल चाल पूछामौसम का हाल भी समझाफिर कुछ और कहना चाहातो हमने कहाआज थोड़ा व्यस्त हूँकल काल करूँगा अम्मा चुप हो गयीकहते कहते रुक गयीऐसा हर बार सुना थापर इस व्यस्त होने का तर्कउनको कुछ विपरीत सा लगाकई सवाल मन में उठेकल और आज में फ़रकबहुत गहरा नज़र आया बेटा, ये कैसाContinue reading “Amma ka phone aaya”