
The external world
Transcended in the first step
world within comes next

The external world
Transcended in the first step
world within comes next

Bee on the flower
In search of the sweet nectar
creator and enjoyer

I don’t need to
reach the destination
I just need to
take the next step

धुँध है
की धूप है
साँझ है
की रूप है
रूप है
तो ढल जाएगा
ख़्वाब है
तो फिर आएगा
मुझे मत उठाना
मुझे सोने दो
मुझे मेरे ख़्वाबों में
रहने दो
धूप में
धुँध में
Bamboos hang on stilts
Scary it felt like hell
But heaven it is

तस्वीर बनी
थोड़ी अधूरी
शायद कोई रंग रह गया
जो मेरे पास था ही नहीं
उन्हें ढूँढने निकला हूँ
सुबह की घास में कुछ
समंदर सा हरा
ढलती साँझ में
वो मायूस लाल रंग
वो ऊँचे आसमान में
वो गहरा नीला
वो हस्ते कमल में
मुस्कुराता हुआ पीला
वो टूटते लहर में
मैला सा सफ़ेद
और उस पिघलती बर्फ़ वाला
चमकीला सफ़ेद
हर अनोखा रंग समेट कर
वहाँ पहुँचा मैं
जहां सतरंगी इंद्रधनुष का झरना
धरती पर छलक रहा है
उन खुश रंगों में
नहा आया हूँ
समेटे रंग सारे
उसी झरने में डाल आया हूँ
कुछ ग़ुस्ताख़ बूँदें
मेरी तस्वीर पर गिरी
वो मेरी तस्वीर
अब कुछ पूरी सी लग रही है

Lonely bench sits quiet
Watching every passerby
just waits silently

Went on a walk
It was after a long time
The tree swayed in the wind
They seemed happy
Did they miss me?
ऐसा कौनसा ख़्वाब है
जो सच्चा ना लगा
ऐसा कौनसा मौक़ा है
जो मुमकिन ना लगा
पर सचाई और ख़्वाब में शायद
नींद खुलने का फ़रक है
नींद खुली और आँखें मलि
आँखों के मैल के साथ
सारे ख़्वाब भी धूल गए
दिन की भाग दौड़ में
वो मौक़ा भी खो गया
हक़ीक़त बनने का हुनर
हर ख़्वाब में था
मौक़े को लपक के
पकड़ने का हुनर
हर बेख़ौफ़ छलाँग में था
पर हर कमजोर मुट्टी ने
मौक़े की फिसलती रेत को
फ़िज़ूल ही गवा डाला है
हर सहमी छलांग ने
मासूम ख़्वाबों को
जन्म से पहले ही मार डाला है
आज फिर नींद खुली है
एक ख़्वाब नया संजोया है
हौसलों की खाद से
और कोशिशों के पानी से
मन की मीठी को
इस बार खूब सींचा है
दूर रोशनी
नज़र आने लगी है
आँखें उस लक्ष्य से
रूबरू होने लगी है
ख़्वाबों का क़ाफ़िला
हक़ीक़त की और चल पड़ा है
आपके ख़याल सुनना चाहूँगा 😊