Khwabon ka kaphila

ऐसा कौनसा ख़्वाब है जो सच्चा ना लगा ऐसा कौनसा मौक़ा है जो मुमकिन ना लगा पर सचाई और ख़्वाब में शायद नींद खुलने का फ़रक है नींद खुली और आँखें मलि आँखों के मैल के साथ सारे ख़्वाब भी धूल गए दिन की भाग दौड़ में वो मौक़ा भी खो गया हक़ीक़त बनने काContinue reading “Khwabon ka kaphila”

Just want to Flow

बहना है पर किधर जाना उधर है ढलान इधर खारे पानी में जाकर मिल जाना है मेरा हशर वही सही पर आज मुझे बहना है कल का सच पता है आज का सच छिपा सही कुछ आज मुझे कहना है शोर एक और बार सुनना है बस आज मुझे बहना है

The rights and the wrongs

The right and the wrongThe shackles unseenthe iron barsand the gaps in between Together they mark the boundsOf the solitary prison cellIn such confinesExists the life we know so well The cells separate the prisonersOne from the otherConfined in their respective cellsTill the time reaches forever The bars they saykeep the prisoners safeto keep themContinue reading “The rights and the wrongs”

Tum toh main hoon

क्यों चाहता हूँ तुमकोतुम तो मैं हूँ पाने की ख्वाहिश नहींतुम तो मैं हूँ खोने का ख़ौफ़ नहींतुम तो मैं हूँ क्या सुनना हैबस शोर हैशोर इतना गूंजाकी खामोशी हो गयी तुमसे मुलाक़ात जो हुईखुद से पहचान हो गयी

Amma ka phone aaya

अम्मा का फ़ोन आयाहाल चाल पूछामौसम का हाल भी समझाफिर कुछ और कहना चाहातो हमने कहाआज थोड़ा व्यस्त हूँकल काल करूँगा अम्मा चुप हो गयीकहते कहते रुक गयीऐसा हर बार सुना थापर इस व्यस्त होने का तर्कउनको कुछ विपरीत सा लगाकई सवाल मन में उठेकल और आज में फ़रकबहुत गहरा नज़र आया बेटा, ये कैसाContinue reading “Amma ka phone aaya”