Morning Chai

ये चाय की प्याली समेटे है अपने में पूरी सुबह वो सुबह की ताजगीवो सौंधी सी महक और वो अपना ज़ायक़ा और उसमें घुली यादेंहै सुबह खूबसूरत जैसे ये चाय की प्याली

Ye rumani Mausam

है रास्ता धुंधला बूँदों से है मैला हूँ में वक़्त का मुसाफ़िर है हर लम्हा अकेला बादलों से मिलने है लहरों ने ली छलांग कह रही है चिल्ला चिल्ला के ये पवन आने वाला है तूफ़ान है दोस्त मेरा, ये मौसम है ये ऋत, जानी पहचानी है कुछ मेरे ही जैसा थोड़ा संजीदा, थोड़ा रूमानी

House of Wood

पेड़ के तने पर है एक काठ का घर है घर जैसा पर अपना नहीं कुछ तिनकों से सजाना होगा है सुंदर पर अभी अपना नहीं मोहब्बत से रंगना होगा ख़्वाहिशों को सच बनाना होगा तब होगा सच, अपना कल सिर्फ़ रहेगा एक सपना नहीं नये पंख उड़ेंगे अपना आसमान ढूँढेंगे होगी नई शुरुआत उनContinue reading “House of Wood”

Cost of Bliss

Time for check in Was later And for check out Was early The place was a beauty heavenly I could say Somethings were paid for For others there was a cost Everything was desirable Everything I wanted The time however was limited Too many choices too many sights initial moments were spent To orient andContinue reading “Cost of Bliss”