दीवार पे तस्वीर

दीवारों पे टंगी तस्वीर नेबेजुबान कई कहानियांअतीत की आवाज़ चुरा करआज मुझे सुनाया है कैद कर वो लम्हातस्वीरों के बेजान पन्नों परफिर आज जैसेवही एहसास लौट आया है नज़र धुंधला गई हैआंखे नम हो गई हैतस्वीर वहीं दीवार पे थम गई हैपर अरमानों ने उड़ान भर ली है समय की सूइयों कोमोड़ने का ख्याल आयाContinue reading “दीवार पे तस्वीर”

वहां हमेशा तक

यूहीं साथ चलेकुछ देर तककुछ दूर तक यूहीं साथ चलेकदमों के निशानसमय की रेत पर ऐसा लगा कल की बात हैसाल २२ बीत गए बातों बातों में वक़्त का पता ना चलाकई कहानियां कह गए कुछ मीठे कुछ तीखेकई पकवान सज गए जिस्म अलहदा सहीअपने काम में मशरूफ कभीएहसास गहरे रह गए कदम साथ यूंContinue reading “वहां हमेशा तक”