Ho shayad woh kharra

छोड़ दूँ वो सब जो तुम्हें लगे बुरा कुरेद कर नोच कर जो बचे हो शायद वो खरा और ना बचा कुछ अगर तो बस रहेगा दिल मोहब्बत भरा

The Aisle seat

HumanityStacked in rowsSecured by beltsOn the assigned seatsSome paidSome free Moving as one massTo the common destinationConfinedIn the fixed spaceStatic insideSurging outside Cocooned in thoughtsEach one his ownTogether yet separatedin the cloudsSome remain strangersSome make friends Pilot steersOn the preset paththrough turbulent weatherThe hostess maintains calmSome sleepSome pray The wingsSpread wideSlicing through the airResponsive toContinue reading “The Aisle seat”

Ek Aur Baar

एक शहर पुरानायादों से भरा हुआयादों की डोर खींच लायी हैएक बार और हर लम्हा याद आया हैवो मोड़, वो हँसीफिर वही रास्तेएक बार और कहीं निशान मिट गएकहीं अब भी सजावट हैकिसी ने पुकारा हैएक बार और एक खुश लम्हायहीं रह गया थामिल कर हँसे हैंएक बार और ईंटों की ढेरइमारत बनेगीफिर घर बसेगाएकContinue reading “Ek Aur Baar”

Badlon ke Pare

बादलों के परे हूँ मैंशायदआसमान हूँ मैं ख़ुशियों की हवाओं मेंहै मेरी उड़ानफिर भी परेशान हूँ मैं अपने आप को ढूँढने निकला हूँअपने आप सेअनजान हूँ मैं फ़िज़ाओं में क़ैद हूँहाँ ख़ुदा नहीं हूँइंसान हूँ मैं