I think I should get lost

मन कहता है  मैं हो जाऊँ घूम  … ना कुछ कहूँ  ना किसिको सुनाई दूँ  बस रहूँ  अंधेरे सा ना दिखाई दूँ  और बस घुल जाऊँ तारों की चमक मैं  रात कली की महक मैं  ठंडी हवाओं के झोंके में  … मन कहता है  मैं हो जाऊँ घूम 

Why? Kyun

क्यों  गुज़र रहा है वक़्त  अब तो रुक जा  यूँ ही बैठे रहें  कुछ गुनगुनाते हुए  अब तो बहक जा  मख़मली धूप में घुल कर  छलकते दरिया में बहकर  बस ठहर जा क्या जल्दी है  कहाँ जाना है  मैं यहाँ हूँ  पहुँच गया हूँ  जहां जाना है  अब कुछ देर  ज़रा ठहर जायें  वक़्त गुज़रताContinue reading “Why? Kyun”