तुम वो रात होवो नींद होतुम वो सुबह होतुम यहीं हो ख़्वाब होसाँस होयहीं मेरे पासहर पल में हो वो धुन होजिसे गुनगुनाया हैवो याद होजिसे मुस्कुराया है तुम हो वहाँजहां मंज़िल हैक़रीब हो, दूर होजहां जाना है मेरा कौन होक्या नाम रखूँरिश्ता नहींमेरी पहचान हो तुम आज होमेरा कल भीक्या और है मुझमेंमेरा सबContinue reading “Tum ho”
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I am home
The house stood tallProud and elegantLike it’s been waiting The swing watchedQuite and staticLike it’s been waiting The porch extended its armpainted freshly redDressed elaborately to receive The demon face smilesVainly trying to scareGrossly unable to deceive The furniture sits calmlySure of us to sit with themYet a bit impatient The calendar marks the dateCrossingContinue reading “I am home”
Place in my heart
There is a placein my heartWhere love hurts Lurks in the depthsSometimes hiddenSometimes it erupts Not in wordsNor in sightHas no end, and no start I am alone thereIt’s my spaceTucked deep in my heart
Khwabon ka zayaka
ज़ायक़ा शायदवैसा ही होगाजैसा चखा थाउन महकते ख़्वाबों में बदन की ख़ुशबूमन की महकजुड़ से गए हैंइन सिसकती साँसों में असल और ख़्वाबमें फ़रकथोड़ा धुंधला गया हैइन उलझे ख़यालों में भूल गया हूँक्या सच है क्या ख़्वाब हैमगन हूँ में बसउन साँचे एहसासों में एक निवाला प्यार काशिद्दत से चखा हैअसल का तो पता नहींशायदContinue reading “Khwabon ka zayaka”
Social Distancing
शायद मुमकिन नहींफिर भी कोशिश कर लेता हैये दिल, समझता ही नहीं है मर्ज़ ऐसा हैकी दूरी हैदिलों की करीबी कुछ कम तो नहीं दूर होफिर भी तुम्हारा साथ हैये भी कुछ कम तो नहीं है
Aaj bhi vaisa hi
इन उँगलियों पे लिपटी वो हसरत भरे नरम हाथ मासूम नज़रों से ताकती वो नज़र और वो एहसास आज भी वैसे ही है दौड़ के सीने से लगना खुश हो कर कंधो पर झूल जाना हर आप बीती बयान करना वो चुलबुली सी बातें आज भी वैसे ही हैं उस शरारती कोने में छिपा हुआContinue reading “Aaj bhi vaisa hi”
Unbridled Laughter बेफ़िक्र बिंदास हँसी
होंठों से आँखो तक पहुँचतीफिर आयी वो हँसीबेफ़िक्र बिन्दासवही ठहाकों वाली हँसी दोस्तों की बातों मेंपुराने लम्हे फ़िर ताज़ा हुएकुछ क़िस्से जो याद थेकुछ चुपचाप भुलाए हुए हंसते हंसते शायदग़ुस्ताख़ आँखें भर आयीकुछ देर जैसे अनबुलायीचुप्पी सी छागयी अपने ख़यालों में चुपचापसबने अपनी ज़िंदगी फिर जी लीखामोशी ने सबकी कहानीचीक चीक के सुना दी स्क्रीनContinue reading “Unbridled Laughter बेफ़िक्र बिंदास हँसी”
Connected though love
Paws rest on my lap warmth seeping through fur and skin We are connected
Me and You
light shines real shadow grabs the attention Love binds me and you
वहां हमेशा तक
यूहीं साथ चलेकुछ देर तककुछ दूर तक यूहीं साथ चलेकदमों के निशानसमय की रेत पर ऐसा लगा कल की बात हैसाल २२ बीत गए बातों बातों में वक़्त का पता ना चलाकई कहानियां कह गए कुछ मीठे कुछ तीखेकई पकवान सज गए जिस्म अलहदा सहीअपने काम में मशरूफ कभीएहसास गहरे रह गए कदम साथ यूंContinue reading “वहां हमेशा तक”
