Bus iske baad

अभी थोड़ा busy हूँइत्मीनान सेबात करते हैंबस इसके बाद हाँ करवाना हैfull body checkupplan करते हैंबस इसके बाद बड़ी देर सोच रहा हूँछुट्टी बहुत accumulate हो गई हैapply करता हूँबस इसके बाद वो नई picture देखनी हैसब कहते है बड़ी अच्छी हैbook करतें हैं onlineबस इसके बाद हर SundayDrive पे चलेंगेschedule बनाते हैंबस इसके बादContinue reading “Bus iske baad”

Tujhe mila kya hai

खोके सब कुछ  तुझे गिला क्या है  उम्र बीत गई  तुझे मिला क्या है  … काँच के पिंजरे के अलावा  तेरा क़िला क्या है  अपने सिवा और कोई तुझे मिला क्या है  … कहाँ का है तू  तेरा ज़िला क्या है एक तिनके से ज़्यादा तुझे मिला क्या है  … ख़ाली हाथ चल दिया हैContinue reading “Tujhe mila kya hai”

The night spoke

रात की बात  मुझसे हुई  खामोश रहे  कुछ लम्हे दोनों  फिर लंबी बात हुई  … डर नहीं लगता, क्या तुमको? उसने पूछा, सहम सहम कर  मैं ख़ुद हूँ डरा, और चकित हूँ  मुझसे मिलने  क्यों आया कोई  … फ़िर व्यथा  अपनी सुनाई  मेरे बारे  कुछ पूछा नहीं  कई अरसे का बांध भरा था  आज अचानकContinue reading “The night spoke”

Kuch der aur. Sona chahta hoon

कुछ पढ़ना नहीं लिखना चाहता हूँ  और थोड़ी देर सोना चाहता हूँ  … अगर रास्ते में हूँ तुम्हारे  तो सरका दो  या बैठो मेरे साथ  चुप चाप, इत्मिनान से  … वक्त को भरना नहीं  गुज़रते हुए देखना चाहता हूँ  बारिश से बचना नहीं  जी भर के भीगना चाहता हूँ  … अगर कुछ छींटे तुमपर गिरContinue reading “Kuch der aur. Sona chahta hoon”

My little twinkling star

तेरे मेरे जैसा पर कुछ हमसे अलग कुछ नायाब बस सबसे अलग एक हीरा एक गुलाब महकाता हर महफ़िल और रोशन रखता हर मंज़र मेरा अंश है पर मुझसे अधिकतुझको सिखाया था अब तुझसे सीखते हैं ख़ुश रहने का सबकहर बार नया, तुझमें देखते है है तू नहीं, सिर्फ़ हमारी ख़ुशी मैंने जाना, तू साक्षातContinue reading “My little twinkling star”

Why? Kyun

क्यों  गुज़र रहा है वक़्त  अब तो रुक जा  यूँ ही बैठे रहें  कुछ गुनगुनाते हुए  अब तो बहक जा  मख़मली धूप में घुल कर  छलकते दरिया में बहकर  बस ठहर जा क्या जल्दी है  कहाँ जाना है  मैं यहाँ हूँ  पहुँच गया हूँ  जहां जाना है  अब कुछ देर  ज़रा ठहर जायें  वक़्त गुज़रताContinue reading “Why? Kyun”

Ab hamesha tak (now forever)

पूरी तरह से मुकम्मल रूह तक जोमहसूस किया है वैसा एहसास है शुक्र ज़िंदगी का जो तेरा साथ है वहीं सेउस लम्हे से शुरू अब हमेशा तक फ़रक अब नहीं रहा दो जिस्मों में फिर भी, जी उठता हूँ जब भी, मेरे हमदमतुमने छुआ है