कुछ खोया नहीं सब पाया हैजो बांट दियावो कहां गवाया है इनसे मिला हूंउनको पहचानता नहींसब अपने है कौन पराया है ये शोहरत का क्याआज है कल नहींदुआओं को हमेशाअपने साथ पाया है कोई याद रखेऐसी ख्वाहिश तो नहींलम्हे खुशी के याद करकेकोई तो मुकुराया है
Tag Archives: Hindi poem
एक और एज़फा सिफर हो गया
डायरी में काम लिख करपूरा दिन भर दियालो एक दिन और गुजर गयाएक और इज़ाफ़ा सिफर हो गया ये लिस्ट लंबी है अभी काम बाकी है वक्त का हर लम्हा भर सा गया हैएक और दिन इसी होड मेंबिसर हो गया रस्ता लंबा हैपेड़ों का साया पीछे रह गयारुकने का वक्त मुकर्रर नहीं कियाहर नज़ाराContinue reading “एक और एज़फा सिफर हो गया”
सोई धूप
वो आई धूप बंद खिड़कियों के शीशों से कमरे कि देहलीज़ लांघ कर वो लाई धूप उस दूर जलती आग कि आंच हथेली में बचा कर किरनों की गुस्ताख हाथों ने चुपके से मला वो आलसी गर्माहट मेरे गालों पर दूर से आई आंच मेरे पल का हिस्सा बन गई कुछ कहा नहीं पर कुछContinue reading “सोई धूप”
जिन्दा साँसे
साँसे ले रहें हैंतो जिंदा हैंया जिंदा हैं तोसाँसे चल रही हैं
माँ कि सालगिरह
सुबह बात हुईसालगिरह की बधाई दीखूब साथ हसेदूर होते हुए भीनजदीक होने का एहसास हुआआप का ही अंश हूंये एहसास हुआमेरे होने से पहलेमैं आपमे मौजूद थाये भी एहसास हुआजब में हंसता हूंमां के होंट भीमुस्कराते होंगेजब में दुखी होता हूंतो वो आंखें भीभीग जाती होंगीदूरियों का क्या हैएहसास से तोहम पास पास हैंतो आजContinue reading “माँ कि सालगिरह”
हर लम्हा बेमिसाल
चकाचौंध सी दुनियानजारे हजार हैंजो मिल गयाउसके खोने का डर हैजो नहीं मिलाउसका मलाल हैबेकरार से रहेदोष किस्मत को दियासोचा शायदवक्त ही खराब हैपर जब देखा मैनेआंखें बंध करहर लम्हा बेमिसाल है
चिट्टी आयी है
कुछ लिखा होगाफिर मिटा केकुछ इज़हार किया होगाकुछ छुपा केवो असमंजस, वो हिचकजो कलम की रुकावट में छुप गई थीउसका भी एहसासलाई है ये चिट्टीशब्द ही नहींखुशबु और जज़्बातभी लाई है ये चिट्टी
जिंदगी की कहानी
मिला उन सबसेमेरी यादें हैं जोहर लम्हों कि महक महसूस कर ली ऐसा लगा जिंदगी फिर जी ली हंसी के पल ठहाके लगा कर जी लिए फिर खुराफात के मौके ढूँढ लिए फिर बचपन कि बेचैन दस्तक सुन ली गले लगा के धड़कनों को पहचान लिया उनकी खुशबु का असर देर तक महसूस किया कभीContinue reading “जिंदगी की कहानी”
यादों का खजाना
हर दिन का हिसाब हैबुने नए कई ख्वाब हैंकुछ रह गए खयालों में कुछ हकीकत कि मिसाल हैँ । ख्वाबों से जिंदगी चुराई है दिल भर कर जिया है।हर लम्हा अनमोल था यादों में कैद किया है। यादों की चुस्की लेकरफिर उन दिनों का मज़ा लेंगेख्वाबों का क्या हैफिर हिसाब लगा लेंगे
जिंदगी एक ख्वाब
मैं तो इक ख्वाब कि तलाश मेंघूमता रहाजब जाना कि यही ख्वाब हैफिर नींद नहीं आयी
