कोई आज मुस्कुराया है

कुछ खोया नहीं सब पाया हैजो बांट दियावो कहां गवाया है इनसे मिला हूंउनको पहचानता नहींसब अपने है कौन पराया है ये शोहरत का क्याआज है कल नहींदुआओं को हमेशाअपने साथ पाया है कोई याद रखेऐसी ख्वाहिश तो नहींलम्हे खुशी के याद करकेकोई तो मुकुराया है