कुछ पढ़ना नहीं लिखना चाहता हूँ और थोड़ी देर सोना चाहता हूँ … अगर रास्ते में हूँ तुम्हारे तो सरका दो या बैठो मेरे साथ चुप चाप, इत्मिनान से … वक्त को भरना नहीं गुज़रते हुए देखना चाहता हूँ बारिश से बचना नहीं जी भर के भीगना चाहता हूँ … अगर कुछ छींटे तुमपर गिरContinue reading “Kuch der aur. Sona chahta hoon”
Tag Archives: Hindi poem
My little twinkling star
तेरे मेरे जैसा पर कुछ हमसे अलग कुछ नायाब बस सबसे अलग एक हीरा एक गुलाब महकाता हर महफ़िल और रोशन रखता हर मंज़र मेरा अंश है पर मुझसे अधिकतुझको सिखाया था अब तुझसे सीखते हैं ख़ुश रहने का सबकहर बार नया, तुझमें देखते है है तू नहीं, सिर्फ़ हमारी ख़ुशी मैंने जाना, तू साक्षातContinue reading “My little twinkling star”
Why? Kyun
क्यों गुज़र रहा है वक़्त अब तो रुक जा यूँ ही बैठे रहें कुछ गुनगुनाते हुए अब तो बहक जा मख़मली धूप में घुल कर छलकते दरिया में बहकर बस ठहर जा क्या जल्दी है कहाँ जाना है मैं यहाँ हूँ पहुँच गया हूँ जहां जाना है अब कुछ देर ज़रा ठहर जायें वक़्त गुज़रताContinue reading “Why? Kyun”
Ab hamesha tak (now forever)
पूरी तरह से मुकम्मल रूह तक जोमहसूस किया है वैसा एहसास है शुक्र ज़िंदगी का जो तेरा साथ है वहीं सेउस लम्हे से शुरू अब हमेशा तक फ़रक अब नहीं रहा दो जिस्मों में फिर भी, जी उठता हूँ जब भी, मेरे हमदमतुमने छुआ है
Colour of the sky
है आसमान में कौनसा रंग वो तो दिखता है हवा और बादलों में है बादलों में कौनसा रंग हल्के हैं, तो सफ़ेद भर गये, तो काले हवा मैं कौनसा रंग है सुबह का नीला है श्याम की लालिमा और रात का सावलापनहै आसमान अठरंगीहर रंग में ढाला वो देखती हैं आँखें जो हो मन मेंContinue reading “Colour of the sky”
A different sky
The play act
The wet grass and the feet of sun
गीले घास पर पड़े जब नंगे पैर लगा जैसे धरती से जुड़ गया हूँ ओस की ठंडक जैसे मुझमें घुलने लगी भीनी भीनी सी सुबह की धूप भी आसमानों से जैसे उसी वक़्त आ पहुँची उसकी गर्माहट कुछ नया एहसास लेके आयी है खून के सात घुल कर दिलों की धड़कन और साँसों में समायीContinue reading “The wet grass and the feet of sun”
Long drives are not long enough
Pani ka tukda
टपकता होगाआसमानों सेवो पानी का टुकड़ाकिसी की तलाश मेंकिसी की आस में कभी मिलती होगीउसेवो नर्म घासकभी गिरता होगाबेदर्द ज़मीन परबस हार के सच्ची हो जो चाहतझुलसती विरह की आँच मेंवो फिर से तपेगाभाप बनके उड़ेगामिलेगा फिरउन बादलों से फिर बरसेगा वोघनघोरउसी आसमानों सेवो पानी का टुकड़ाकिसी की तलाश मेंकिसी की आस में
