है सालगिरह आज लगता है पहली रात है बहुत साल हो गयेपर आज भी वैसा ही है चेहरे की झुर्रियों से उम्र का एहसास है दिल रूमानी कल भी था आज भी कुछ वैसा ही है कदम धीमे और लड़खड़ाने लगे हैं हाथों में हाथ कल भी था आज भी कुछ वैसा ही है तस्वीरेंContinue reading “Salagirah (Anniversary)”
Category Archives: Hindi poem
Beauty waits for the beholder
BeautyWaits for the eyesThat seesFor whenIt recognisesIt glowsthen ittruly becomesBeauty
A different sky
Carrying the sky
बंधा हुआ हूँ अनगिनत बेड़ियों में फिर भी आसमान उठा रखा है
Colours that colour the heart
Roshni ka Dayara “Boundaries of Light”
मेरी हस्ती का है रोशनी का दायरा रोशनी से लिपटा अंदर, साये से भरा रोका है मैंने रोशनी को नादान, उसके सामने खड़ातिनका उस रोशनी में रोक कर समझूँ अपने को बड़ाना हूँ मैं तो हो सिर्फ़ रोशनी पहचान जाऊँ जब अपनी असल कहानी नयी सुबह की भोर में दायरा सिकुड़ जाएगा बस रोशनी होगीसायाContinue reading “Roshni ka Dayara “Boundaries of Light””
Wahan Kaphila Milega
कई अल्फ़ाज़ यूँही रह गये खुले आसमान में कहीं बह गए। वहाँ बादलों से बारिश के साथ बरसेंगे उन बूँदों में कहीं शायद अपना क़ाफ़िला मिलेगा
Mere saath chala woh Chand
पुराने गाने सुनते रस्ता चला पेड़, खेत, नादिया पीछे छोड़ चला साथ चली बस हवा कुछ गुनगुनाती अच्छे सफ़र की देती दुआ और चला वो चाँद हर कदम मेरे साथ बादलों से गुज़रता, कुछ मुस्कुराता जानता है वो, शायद मेरे मन की बात
Kites in the Sky
रंग बिरंगी ढेर सारी पतंग कुछ कटी हुई और कुछ ऊँचाइयों को छूती हुई जो डोर से बंधी थी वो उड़ रही थी जो कट गई थी वो हवा के साथ बहती जा रही थी जब थक उड़ान थी पतंग पर हर की आस थी कट जाने पर अगले पतंग की तलाश थी कन्नी कसContinue reading “Kites in the Sky”
Haan, Abhi wala mauka sahi hai
लोग हैं, तो रिश्ते हैंरिश्ते हैं, तो ख़लिश भी कोई ग़लत है तो कोई सही भीइस भीड़ में कहीं एक हंसी छिपी थी अभी अभी तो इन आँखों में उसकी चमक दिखी थी चलो, उसे ढूँढते हैं करें कब शुरुआत ये सोचते हैं है मौक़े बहुतपर कौनसा मौक़ा सही हैये जो अभी वाला मौक़ा हैContinue reading “Haan, Abhi wala mauka sahi hai”
