
दीवारों पे टंगी तस्वीर ने
बेजुबान कई कहानियां
अतीत की आवाज़ चुरा कर
आज मुझे सुनाया है
कैद कर वो लम्हा
तस्वीरों के बेजान पन्नों पर
फिर आज जैसे
वही एहसास लौट आया है
नज़र धुंधला गई है
आंखे नम हो गई है
तस्वीर वहीं दीवार पे थम गई है
पर अरमानों ने उड़ान भर ली है
समय की सूइयों को
मोड़ने का ख्याल आया है
उस लम्हे को फिर से
जीने का ख्वाब सजाया है
समय की रेत को टटोला
तो वो लम्हा हाथ आया है
उसी लम्हें में पूरी उम्र
गुजारने का ख्याल आया है

Fight rages within










