Safar, muskurate hue guzarega

मिलने चले
अपने दोस्त से
सफ़र यूँ ही
मुस्कुराते हुए गुज़रा

है दिल के क़रीब वो
दोस्त है,
भाई सा
खून के रिश्तों से खरा

बैटकर बातें होंगी
कुछ दोहरायी हुई
और कुछ नयी
कहने को है बहुत सारा

ख़ुशियों का जश्न होगा
नाचेंगे, हो के मस्त
गाने भी गायेंगे
कुछ सुर में, कुछ बेसुरा

कई दिन हुए
मिले नहीं
फिर भी लगा
बिछड़े ही नहीं

मिलते रहेंगे
अपने दोस्त से,
सफ़र यूँ ही
मुस्कुराते हुए गुज़रेगा

Safed Baadal ke patte (leaves of White clouds)

होंगे सफ़ेद बादल के पत्ते मेरे 

पर मैं ज़मीन से जुड़ा हूँ 

गुज़रे कई साल 

पर मैं यहीं पे खड़ा हुआ हूँ 

ना आसमान मुझपे मौताज़

फिर भी उस यक़ीन पे रुका हूँ 

की जब बरसेंगे वो बादल 

तो कहीं, उस से जुड़ जाऊँगा मैं 

https://mytaleswithin.com/2024/05/10/leaves-of-white-cloud/