Run #elfchen #shayari

The vain podium
किस मंज़िल की तरफ़ है दौड़
कौनसा ठिकाना है
किसकी मंज़ूरी के मौताज हैं
किसको दिखाना है
Running
As fast
In unexplainable haste
Trying perpetually to reach
Tired

#elfchen

#shayari

Ye Khali Raat

ये ख़ाली रात 
इंतज़ार से भर गई
जब समेटने लगे
तो मोहब्बत के सिवा कुछ ना मिला

नींद को लेके कहीं दूर चलीं हैं,
कुछ फ़िक्र की झुर्रियाँ
और जब मुड के देखा तो
रुकी हुई सुइयों के सिवा कुछ ना मिला

कदम बड़े हिसाब से उठे
लहरों से बच कर ज़िंदगी चली
पाओं के निशान पर जो इतराना चाहा
लहरों के सिवा, और कुछ ना मिला

बड़ी रफ़्तार रही होगी कदमों की
सबसे आगे जो निकल गये हैं
अकेले बैठे जब जश्न का समा बनाया तो
बिखरे हुए रिश्तों के सिवा और कुछ ना मिला

अब सुबह होने को है
अब नज़र खुली है, अब जाग गया हूँ
आँख मल कर, ज़िंदगी को देखा तो
मोहब्बत के सिवा और कुछ ना मिला