मिलने चलेअपने दोस्त से सफ़र यूँ ही मुस्कुराते हुए गुज़राहै दिल के क़रीब वो दोस्त है, भाई सा खून के रिश्तों से खराबैटकर बातें होंगी कुछ दोहरायी हुई और कुछ नयी कहने को है बहुत साराख़ुशियों का जश्न होगा नाचेंगे, हो के मस्त गाने भी गायेंगे कुछ सुर में, कुछ बेसुरा कई दिन हुए मिलेContinue reading “Safar, muskurate hue guzarega”
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Ye Khali Raat
ये ख़ाली रात इंतज़ार से भर गई जब समेटने लगे तो मोहब्बत के सिवा कुछ ना मिला नींद को लेके कहीं दूर चलीं हैं, कुछ फ़िक्र की झुर्रियाँऔर जब मुड के देखा तो रुकी हुई सुइयों के सिवा कुछ ना मिला कदम बड़े हिसाब से उठे लहरों से बच कर ज़िंदगी चली पाओं के निशानContinue reading “Ye Khali Raat”
Spirit of the River
अपनी ही धुन में थिरकते पांव मदमस्तबेख़ौफ़ बेफ़िक्रदरिया की मौजकिनारों के अंकुश से कभी की वफ़ादारीतो कभी बनी बाग़ी दरिया की मौजचले समंदर की ओरअपनी सुदबुध छोड़ करअपनी पहचान भूल कर दरिया की मौजहिम की औलाद समंदर में समायीरह गयी तो बस दरिया की मौज
Colour of the sky
है आसमान में कौनसा रंग वो तो दिखता है हवा और बादलों में है बादलों में कौनसा रंग हल्के हैं, तो सफ़ेद भर गये, तो काले हवा मैं कौनसा रंग है सुबह का नीला है श्याम की लालिमा और रात का सावलापनहै आसमान अठरंगीहर रंग में ढाला वो देखती हैं आँखें जो हो मन मेंContinue reading “Colour of the sky”
Twelve angry men
एक फ़ैसला जो सबको मंज़ूर हो या वो सच जो सबको महसूस हो
Beauty waits for the beholder
BeautyWaits for the eyesThat seesFor whenIt recognisesIt glowsthen ittruly becomesBeauty
Carrying the sky
बंधा हुआ हूँ अनगिनत बेड़ियों में फिर भी आसमान उठा रखा है
Roshni ka Dayara “Boundaries of Light”
मेरी हस्ती का है रोशनी का दायरा रोशनी से लिपटा अंदर, साये से भरा रोका है मैंने रोशनी को नादान, उसके सामने खड़ातिनका उस रोशनी में रोक कर समझूँ अपने को बड़ाना हूँ मैं तो हो सिर्फ़ रोशनी पहचान जाऊँ जब अपनी असल कहानी नयी सुबह की भोर में दायरा सिकुड़ जाएगा बस रोशनी होगीसायाContinue reading “Roshni ka Dayara “Boundaries of Light””
Mere saath chala woh Chand
पुराने गाने सुनते रस्ता चला पेड़, खेत, नादिया पीछे छोड़ चला साथ चली बस हवा कुछ गुनगुनाती अच्छे सफ़र की देती दुआ और चला वो चाँद हर कदम मेरे साथ बादलों से गुज़रता, कुछ मुस्कुराता जानता है वो, शायद मेरे मन की बात
Kites in the Sky
रंग बिरंगी ढेर सारी पतंग कुछ कटी हुई और कुछ ऊँचाइयों को छूती हुई जो डोर से बंधी थी वो उड़ रही थी जो कट गई थी वो हवा के साथ बहती जा रही थी जब थक उड़ान थी पतंग पर हर की आस थी कट जाने पर अगले पतंग की तलाश थी कन्नी कसContinue reading “Kites in the Sky”
