सफर का नशा

मदहोश नशे में, मदमस्त चल पडे़ थे जुनून का नशा था, हसीन ख्वाब लिए चल पड़े थे काम का बोझ तो गहरा था दिन-रात का फर्क भी खो चुका था पर एक सुरूर सा आ रहा था एक मस्ती का मंज़र था फिर एक दिन, अफसोस अपनी मंज़िल से टकरा गए खुशी की उम्मीद थीContinue reading “सफर का नशा”

Buoyancy of Joy

I hate myself!! Mukti spoke aloud. The utterance did not even make a ripple in the green surface of the still water in the pond. She did crave for appreciation but she never expected so much hate from her colleagues. It was as if they were waiting for the opportune moment for the hate toContinue reading “Buoyancy of Joy”

रिश्तों की कीमत

रिश्तों की कीमत दाम लगा के देख लो रिश्तों की अहमियत अनुमान लगा के देख लो पहचान पाओगे तो उसकी पहचान है महसूस कर पाओगे तो भावनाओं का मान है नहीं तो क्या रिश्ते तो एक नाम है मौका, दस्तूर या कभी, किसी का कोई काम है सच्चे रिश्ते रिवाज़ों के मोहताज़ नहीं रिश्तों कीContinue reading “रिश्तों की कीमत”

मैं

कुछ दिनों से मैं ये सोच रहा था एक कहानी कह दूँ फिर कल, हुआ कुछ ऐसा अलग, सोचा नहीं कह डाला खुशी जो अंदर थी अब बाहर भी है और हैरत की बात तो ये है कि मैं उनके बीच में नहीं किसी और का मैं आज मोहताज नहीं किसी और का मुझे इन्तज़ारContinue reading “मैं”

Hi Anonymous – I remember your name!!

He felt the fresh air sift through the vestibule. He bent down to peek through the double glassed tinted window separating him from the pouring rain and the vast stretching landscape. He fished into his shirt pocket for his packet of Cigarettes. He opened the pack to find two cigarettes left. He picked up oneContinue reading “Hi Anonymous – I remember your name!!”