Run #elfchen #shayari

किस मंज़िल की तरफ़ है दौड़कौनसा ठिकाना है किसकी मंज़ूरी के मौताज हैं किसको दिखाना है RunningAs fastIn unexplainable hasteTrying perpetually to reachTired #elfchen #shayari

Ye Khali Raat

ये ख़ाली रात इंतज़ार से भर गई जब समेटने लगे तो मोहब्बत के सिवा कुछ ना मिला नींद को लेके कहीं दूर चलीं हैं, कुछ फ़िक्र की झुर्रियाँऔर जब मुड के देखा तो रुकी हुई सुइयों के सिवा कुछ ना मिला कदम बड़े हिसाब से उठे लहरों से बच कर ज़िंदगी चली पाओं के निशानContinue reading “Ye Khali Raat”