My little twinkling star

तेरे मेरे जैसा 
पर कुछ हमसे अलग
कुछ नायाब
बस सबसे अलग

एक हीरा
एक गुलाब
महकाता हर महफ़िल
और रोशन रखता हर मंज़र

मेरा अंश है
पर मुझसे अधिक
तुझको सिखाया था
अब तुझसे सीखते हैं
ख़ुश रहने का सबक
हर बार नया, तुझमें देखते है

है तू नहीं,
सिर्फ़ हमारी ख़ुशी
मैंने जाना,
तू साक्षात ख़ुशी है

कुरेद कर देख लिया
हर परत तेरी,
तू मुक़्क़मल ख़ुशी है

तु रोशनी है हमारी
तुझसे है, सब रोशन
मेरा अंश है
पर मुझसे मीलों अधिक है

और याद रखना
तू मेरा है पहले
है एक अंश मेरा
प्यारा सा
बस मेरा

फिर सबका है
टिमटिमाता
महकता
एक रोशन सितारा

My little twinkling star

तेरे मेरे जैसा 
पर कुछ हमसे अलग
कुछ नायाब
बस सबसे अलग

एक हीरा
एक गुलाब
महकाता हर महफ़िल
और रोशन रखता हर मंज़र

मेरा अंश है
पर मुझसे अधिक
तुझको सिखाया था
अब तुझसे सीखते हैं
ख़ुश रहने का सबक
हर बार नया, तुझमें देखते है

है तू नहीं,
सिर्फ़ हमारी ख़ुशी
मैंने जाना,
तू साक्षात ख़ुशी है

कुरेद कर देख लिया
हर परत तेरी,
तू मुक़्क़मल ख़ुशी है

तु रोशनी है हमारी
तुझसे है, सब रोशन
मेरा अंश है
पर मुझसे मीलों अधिक है

और याद रखना
तू मेरा है पहले
है एक अंश मेरा
प्यारा सा
बस मेरा

टिमटिमाता
महकता
एक रोशन सितारा

Bohut zaruri ho

है मालूम तुमको, 
सबको पता है
मुझे तुमसे बेहद मोहब्बत है,
पर ये इज़हार
बहुत ज़रूरी है

हो तुम हमारे,
फिर भी हर बार
खुदा से करी
तुम्हारी ख्वाहिश,
हाँ ये इल्तिजा
बहुत ज़रूरी है

कौनसे मौक़े की तलाश है
हर लम्हा मुबारक है
आज तो कह दिया
हमेश कहते रहना
बहुत ज़रूरी है

हाँ किए हैं कई ख़ता
हमने किया है तुम्हें बड़ा परेशान
पर प्यार जो इतना करते हैं तुमसे
माफ़ करना भी
बहुत ज़रूरी है

तुम्हारी सालगिरह है
कई दोस्त आए हैं
इस जश्न भरी महफ़िल में
हमें याद रखना भी
बहुत ज़रूरी है

वैसे तो बड़ी भीड़ है
बहुतों से तुम्हारी जान पहचान है
पर इस भीड़ में, याद रखना
कोई अपना होना भी
बहुत ज़रूरी है

साँसे ले लेता हूँ
धड़कन भी चल रही है
पर ज़िंदा रहने के लिए
तेरा अनंत वाला साथ
बेहद ज़रूरी है

मुझे पता है
तुम्हें अच्छा लगता हूँ
कोई वाह वाही की मेरी ख्वाइयोश नहीं
पर बस तुम्हारा मुस्कुराते रहना
बहुत ज़रूरी है

है मालूम तुमको,
सबको पता है
मुझे तुमसे बेहद मोहब्बत है,
हाँ ये इज़हार
बेहद ज़रूरी है

Kaise pehchanoge

कैसे पहचानोगे 
जो ख़ुद ने छिपा रखा है
वो चेहरा अलग है जो
नज़रों ने बना रखा है

कई बार कोशिश की
नक़ाब उतार फेंक देने की
नक़ाब नज़रों ने
अलग सा पहना रखा है

जिस दिन अपना कवच निकाल,
नंगे बदन में, दुनिया से मिलूँगा
ख़ुद को दुनिया में
दुनिया को खुदको में पाऊँगा

फिर ना ज़रूरत होगी
किसी पहचान की
और ना कोई नक़ाब
चेहरे पे टिकेगा

हर चेहरा मेरा अक्स होगा
हर नज़र मेरी रोशनी होगी
बंद आँखों से
हर नज़ारा, साफ़ नज़र आयेगा

कैसे पहचानोगे
जो तुम्हारा अक्स है
वो चेहरा
जो सब में नज़र आता है