लंबी ड्राइव

चलो एक लंबी ड्राइव पे चलेंरास्ते और मंजिल से बेफ़िकर एक बार बिना किसी मतलब के चलें कुछ दूर चल कर तुम सुकून की तरफ मोड़ लेना मन करे तो वो अपना पुराना गाना भी लगा लेना आज हर बात की छूट है हाँ तुम गुनगुना भी सकते हो अपनी ही तो गाड़ी है सुरोंContinue reading “लंबी ड्राइव”

सोई धूप

वो आई धूप बंद खिड़कियों के शीशों से कमरे कि देहलीज़ लांघ कर वो लाई धूप उस दूर जलती आग कि आंच हथेली में बचा कर किरनों की गुस्ताख हाथों ने चुपके से मला वो आलसी गर्माहट मेरे गालों पर दूर से आई आंच मेरे पल का हिस्सा बन गई कुछ कहा नहीं पर कुछContinue reading “सोई धूप”