Why? Kyun

क्यों  गुज़र रहा है वक़्त  अब तो रुक जा  यूँ ही बैठे रहें  कुछ गुनगुनाते हुए  अब तो बहक जा  मख़मली धूप में घुल कर  छलकते दरिया में बहकर  बस ठहर जा क्या जल्दी है  कहाँ जाना है  मैं यहाँ हूँ  पहुँच गया हूँ  जहां जाना है  अब कुछ देर  ज़रा ठहर जायें  वक़्त गुज़रताContinue reading “Why? Kyun”

Festival to be Happy

है त्योहार, खुश होने का  बाक़ी रसम फ़िज़ूल हैं  मुस्कुराहट जो भर दे दिलों में, वो सही  बाक़ी रिश्ते फ़िज़ूल है  It’s a festival to be happy The rest of the rituals are in vain The smile that fills the heart is enoughother relationships are in vain