
तू धूप है,
क्यों दूर है
दोस्त हूँ तेरा,
आ मुझसे आके मिल
तेरी रोशनी
तू कैसे छिपायेगा
मुझमें है तू छिपा,
आ मुझसे आके मिल
कल रात
तू मिला नहीं
सोया नहीं मैं रात भर
आ मुझ से आके मिल
तुझसे है
सब कुछ रोशन
है मुझमें क्यों अँधेरा
आ मुझसे आके मिल
जल रहा है तू
मैं जानता हूँ
सुकून है मुझमें
आ मुझसे आके मिल
