
एक प्यारा साथी
अपना सुना हुआ सा गाना
थोड़ी सी हवा
धीरे से चलते लम्हे
और सफ़र क्या है
ठंडी खामोशी
थोड़ी गरम साँसे
ना मौक़े की तलाश
ना कोई मायूसी
और हासिल क्या है
कुछ फ़ुरसत
कुछ धूप
ठंडी घास
और नंगे पाँव
और सुकून क्या है

एक प्यारा साथी
अपना सुना हुआ सा गाना
थोड़ी सी हवा
धीरे से चलते लम्हे
और सफ़र क्या है
ठंडी खामोशी
थोड़ी गरम साँसे
ना मौक़े की तलाश
ना कोई मायूसी
और हासिल क्या है
कुछ फ़ुरसत
कुछ धूप
ठंडी घास
और नंगे पाँव
और सुकून क्या है
I am a dreamer I weave tales in my mind I am connected to you through these words And through this screen across the virtual world View more posts
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Wah!wah!!
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Bilkul 🤗
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Bilkul sahi Bola apne!!!
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Bilkul 🙏😊
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