कुछ कहते-कहते रुक गया,
आज फिर रिश्ता मुझसे जीत गया।
ना तुम ग़लत थे, ना मैं सही,
आज फिर ये सच मैं सीख गया।
वो बहस हार जाना ही सही था,
आज फिर हार के, देखो मैं जीत गया।
आज तुम सबका मुस्कुराता चेहरा देखा,
आज फिर हर मसला मेरा सुलझ गया।

कुछ कहते-कहते रुक गया,
आज फिर रिश्ता मुझसे जीत गया।
ना तुम ग़लत थे, ना मैं सही,
आज फिर ये सच मैं सीख गया।
वो बहस हार जाना ही सही था,
आज फिर हार के, देखो मैं जीत गया।
आज तुम सबका मुस्कुराता चेहरा देखा,
आज फिर हर मसला मेरा सुलझ गया।

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