Rains, aren’t they tears?

बारिश की बूँदें यूँ ही नहीं गिरा करती बोझ जब हद्द से गुज़र जाए तो रो दिया करतें हैं बादलचेहरे के रंग से दिखता हैउसका सबब रंग हल्का जो उदास हो जाए तो रो दिया करतें हैं बादलबारिश में नाचते बच्चों की ख़ुशी देखते ही बनती है ये मंज़र देख केहंस दिया करतें हैं बादलContinue reading “Rains, aren’t they tears?”