The wet grass and the feet of sun

गीले घास पर

पड़े जब नंगे पैर

लगा जैसे

धरती से जुड़ गया हूँ

ओस की ठंडक जैसे

मुझमें घुलने लगी

भीनी भीनी सी

सुबह की धूप भी

आसमानों से जैसे

उसी वक़्त आ पहुँची

उसकी गर्माहट

कुछ नया एहसास

लेके आयी है

खून के सात घुल कर

दिलों की धड़कन

और साँसों में समायी है

कुछ कदम जो चले साथ

हम एक हो गये

उस बगीचे में

बस रह गया

एक महकता

सुंदर एहसास

Published by Echoes of the soul

I am a dreamer I weave tales in my mind I am connected to you through these words And through this screen across the virtual world

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