
सुबह की
ख़ामोश रास्तों पर
रोशनी की किरण हूँ में
रात की
सोए हुए अंधेरों की
पहली सुबह हूँ मैं
ख़्वाबों के
अधूरे अल्फ़ाज़ों की
अनकही कहानी हूँ में
सफ़र की
अनजान राहों का
अकेला राही हूँ मैं
मंज़िलों की
पहचान नहीं हैं
शायद पहुँच गया हूँ मैं

सुबह की
ख़ामोश रास्तों पर
रोशनी की किरण हूँ में
रात की
सोए हुए अंधेरों की
पहली सुबह हूँ मैं
ख़्वाबों के
अधूरे अल्फ़ाज़ों की
अनकही कहानी हूँ में
सफ़र की
अनजान राहों का
अकेला राही हूँ मैं
मंज़िलों की
पहचान नहीं हैं
शायद पहुँच गया हूँ मैं
I am a dreamer I weave tales in my mind I am connected to you through these words And through this screen across the virtual world View more posts
Nice
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Thanks 😊🙏
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