kya jaldi hai

क्या जल्दी है
क्यों तेज़ क़दमों से
चल रहा है तू

मुझसे तू क्यूँ ख़फ़ा है
क्यूँ दूर
भाग रहा है तू

इस वक़्त का
मुझको था इंतज़ार
ये जानता था तू

उस वक़्त
बड़े आराम क़दमों से
चल रहा था तू

आज कौनसी जल्दी है
थोड़ी देर ठहर जा
मेरे बच्चे आए हैं
मुझसे से मिलने
फुर्सत उनके पास भी नहीं

तू भी मिल लेना उनसे
मेरे साथ बैठ जाना
और महसूस करना वो ख़ुशी
जो तुझे कभी मिली ही न होगी

इस ख़ुशी को सवार के
हर पल को पूरा जी रहा हूँ
इसीलिए ए वक़्त
तू ठहर जा
बस थोड़ी देर
बस और थोड़ी देर

Published by Echoes of the soul

I am a dreamer I weave tales in my mind I am connected to you through these words And through this screen across the virtual world

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