वो सबका आसरा
किसके काँधे, सर अपना वो रखे
रखता वो, सब दिल में छिपाये
जो हो रहा, ख़ामोश सब देखे
कहता है, बस मुस्कुरा दो
हर बात को हँसी में उड़ा दो
सबका प्यारा, सबका चहेता
ख़ुश रहते सब, उससे मिलके
है कुछ परेशानियाँ, किसकी नहीं हैं
कुछ रह गए अरमान, किसके पूरे हुए
पर ख़ुशदिल जीने का अंदाज़
कोई इनसे सीखे
सबसे नन्हा था, अब सबका आश्रय
हर व्यथा का समाधान, अब इनका परिचय
निःस्वार्थ भाव से जिना
कोई इनसे सीखे
कोशिश करता हूँ, पथ उनके चलूँ
उनसे उभरा हूँ, उनका अंश हूँ
पिता नहीं, दोस्त बन के रहना
ये अंदाज़, कोई इनसे सीखे
Very nice.
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Thanks a lot Mr Verma. 🙏🏻🙏🏻
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