She waits

Amma

वो इंतज़ार करती है 

ना जाने क्यों, 

वो राह तकती है

नहीं आयेंगे, बड़ी दूर हैं 

ये जानती है 

फिर भी, 

मानने से इनकार करती है

अब नहीं रहे, 

वो नासमझ 

सयाने हो गए हैं 

फिर भी फ़िक्र उनकी 

यूँ ही रोज़ाना किया करती है

कहाँ है वक्त 

इस भागती दुनिया में 

बैठ के बातें करने की ख्वाहिश 

बेफ़िज़ुल हर रोज़ इज़हार करती है

अभी कुछ 

चलने में दिक्कत है 

कुछ कम भी सुनाई देता है 

दवाइयों का असर कम है 

मिलने की ख़ुशी से ही 

तन्दरुस्त हुआ करती है

कुछ माँगती नहीं 

वक्त के सिवा 

माँ है 

बस बेपनाह 

वो हमसे प्यार करती है

वो इंतज़ार करती है 

ना जाने क्यों 

वो राह तकती है 

Published by Echoes of the soul

I am a dreamer I weave tales in my mind I am connected to you through these words And through this screen across the virtual world

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