मन कहता है
मैं हो जाऊँ घूम
…
ना कुछ कहूँ
ना किसिको सुनाई दूँ
बस रहूँ
अंधेरे सा
ना दिखाई दूँ
और बस घुल जाऊँ
तारों की चमक मैं
रात कली की महक मैं
ठंडी हवाओं के झोंके में
…
मन कहता है
मैं हो जाऊँ घूम

मन कहता है
मैं हो जाऊँ घूम
…
ना कुछ कहूँ
ना किसिको सुनाई दूँ
बस रहूँ
अंधेरे सा
ना दिखाई दूँ
और बस घुल जाऊँ
तारों की चमक मैं
रात कली की महक मैं
ठंडी हवाओं के झोंके में
…
मन कहता है
मैं हो जाऊँ घूम

I am a dreamer I weave tales in my mind I am connected to you through these words And through this screen across the virtual world View more posts