मिलने चले
अपने दोस्त से
सफ़र यूँ ही
मुस्कुराते हुए गुज़रा
है दिल के क़रीब वो
दोस्त है,
भाई सा
खून के रिश्तों से खरा
बैटकर बातें होंगी
कुछ दोहरायी हुई
और कुछ नयी
कहने को है बहुत सारा
ख़ुशियों का जश्न होगा
नाचेंगे, हो के मस्त
गाने भी गायेंगे
कुछ सुर में, कुछ बेसुरा
कई दिन हुए
मिले नहीं
फिर भी लगा
बिछड़े ही नहीं
मिलते रहेंगे
अपने दोस्त से,
सफ़र यूँ ही
मुस्कुराते हुए गुज़रेगा
Published by Echoes of the soul
I am a dreamer
I weave tales in my mind
I am connected to you through these words
And through this screen across the virtual world
View more posts